मंत्री हर्षवर्धन भी नहीं सुलझा पाए सीमेंट विवाद का मसला, मुख्यमंत्री सुक्खू को सौंपी जाएगी रिपोर्ट


सीमेंट कंपनी विवाद को सुलझाने के लिए मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में बैठक बेनतीजा रहीं हैं। करीब साढे 4 घंटे तक चली इस बैठक में सरकार किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। दोनों पक्षों के बीच पिछले 1 महीने से अधिक समय से चला आ रहा गतिरोध मंत्री भी नहीं तोड़ पाए । मंत्री कंपनी प्रबंधन के रवैए से नाराज दिखे और उन्होंने कंपनी से प्लांट शुरू करने की बात कही है।

 

ट्रक यूनियन से भी मंत्री ने सहयोग मांगा । मंत्री ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि जल्द दोनों पक्षों के बीच सहमति बना ली जाएगी। मीडिया से बात करते हुए मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आज की बैठक की रिपोर्ट मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सौंपी जाएगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री इस मसले पर अपना अगला निर्णय लेंगे। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सीमेंट कंपनी विवाद दो पार्टी के बीच का मसला है सरकार इस मसले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभा रही है। उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार जल्द इस मसले को सुलझाने में कामयाब होगी।

इधर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनी का रवैया अड़ियल है। कंपनी मैदानी इलाकों के रेट पहाड़ी इलाकों में लागू करना चाहती है। ऑल हिमाचल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश गुप्ता ने कहा कि कंपनी मुनाफे में है और कंपनी का ऑडिट करवाया जाएगा।

सीमेंट के एक बैग की लागत 200 रुपए है और उसे 500 रुपए में कंपनी बेच रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के इस अड़ियल रवैया के चलते धरना प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

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