यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के चलते फार्मा हब बद्दी में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के चलते फार्मा हब बद्दी में कच्चे माल समेत अन्य जरूरी सामान की कीमतों में वृद्धि होने लगी है। एल्युमीनियम फॉयल के बाद अब पीवीसी, गत्ते व स्टील के दाम में भी उछाल आ गया है।

एल्युमीनियम फॉयल पॉली जो दो सप्ताह पहले तक 232 रुपये प्रति किलो था, अब 400 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। बलिस्टर के दाम 260 से 500 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इससे फार्मा उद्योगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।  पीवीसी 120 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 190 रुपये प्रति किलो हो गया। गत्ते के दाम में भी उछाल आया है। मोनो कार्टन 85 से 95 रुपये प्रति किलो हो गया है, जबकि बड़े कार्टन (शिपर) के दाम 32 से 40 रुपये तक पहुंच गए हैं।

उद्योगों के निर्माण कार्य में लगने वाले स्टील के दाम में सात रुपये की वृद्धि हो गई है। यह 55 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति किलो मिलने लगा है। एफ आईआई के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित सिंगला ने बताया कि दवा निर्माण के लिए कच्चे माल समेत हमारे देश के मुख्य त्योहार होली, दीवाली व रक्षा बंधन पर बाहर से सामान आयात किया जाता है।

 

ऐसे में युद्ध का असर कच्चे माल पर पड़ने लगा है। इसमें पीसीवी, गत्ते व स्टील के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। यदि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़तेे हैं, तो इसका सीधा असर फार्मा हब पर पड़ेगा और हर चीज मंहगी होगी।

 

आने वाले समय में डीजल व पेट्रोल के दाम में 15 से 20 रुपये की बढ़ोतरी के आसार हैं। इससे हर सामान महंगा हो जाएगा। क्रूड के दाम युद्ध से पहले 90 डालर प्रति बैरल थे, जो अब बढ़कर 130 डालर हो गए हैं।

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