भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अब हिमाचल प्रदेश में भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनर्निरीक्षण किया जाएगा। बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले करवाए गए इस गहन पुनर्निरीक्षण से पहले बवाल मच गया था। यह मामला पश्चिम बंगाल में भी सुर्खियों में रहा है। हालांकि हिमाचल में बाकायदा राजनीतिक दलों को अपने अपने बीएलए यानीन बूथ लेवल एजेंट नियुक्ति करने और उनकी सक्रिय भागेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं,
ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रही। प्रदेश भर में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनर्निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। विशेष गहन पुनर्निरीक्षण की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्ति करने के लिए विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं।

राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों/ सचिवों को प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने-अपने बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति यथाशीघ्र सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है, क्योंकि नियुक्त बूथ लेवल एजेंट विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की विसंगति को संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के संज्ञान में ला सकेंगे और उसका त्वरित निवारण किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि देश भर के विभिन्न राज्यों में फर्जी वोटर बनाने सहित कई तरह के राजनीतिक आरोप लगते हैं, जिसके चलते कड़े नियमों के तहत मतदाता सूचियों को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की देख-रेख में अंतिम रूप दिया जाएगा।
उधर, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त हेमराज बैरवा का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। विशेष गहन पुनरीक्षण की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों/ सचिवों से आग्रह किया है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति सुनिश्चित करें।

