इंडियन पब्लिक स्कूल में वार्षिक समारोह “नवरंग – द कलर्स ऑफ़ इनक्रेडिबल इंडिया” का भव्य आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह समारोह भारत की एकता, विविधता, परंपराओं और संस्कारों का जीवंत उत्सव रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अनिल सैनी, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं उद्योगपति, अध्यक्ष – भारत विकास परिषद उपस्थित रहे। उनके प्रेरणादायक व्यक्तित्व और गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें माननीय मुख्य अतिथि श्री अनिल सैनी जी एवं विद्यालय की आदरणीय प्राचार्या श्रीमती दीपा शर्मा सम्मिलित रहीं। दीप प्रज्वलन के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत “आपके आगमन पे हमारा नमन” ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर नीरज उदवानी, सचिव, भारत विकास परिषद की गरिमामयी उपस्थिति भी रही, जिनके सहयोग एवं मार्गदर्शन से कार्यक्रम की शोभा और बढ़ गई।

प्राचार्या श्रीमती दीपा शर्मा ने अपने संबोधन में विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों पर आधारित शिक्षा प्रणाली पर प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में नन्हे-मुन्नों की आकर्षक फैंसी ड्रेस प्रस्तुति, नर्सरी एवं जूनियर केजी के विद्यार्थियों का इंग्लिश राइम्स पर मनमोहक नृत्य, सीनियर केजी के विद्यार्थियों द्वारा हरियाणा, गुजरात एवं राजस्थान की झलक प्रस्तुत करता फ्यूजन डांस, पारंपरिक हिमाचली नाटी, “एक भारत – विविधता में एकता” विषय पर आधारित प्रेरणादायक नाट्य प्रस्तुति, कक्षा 5 की बालिकाओं द्वारा मराठी नृत्य तथा जोश से भरपूर गिद्धा और भांगड़ा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कार्यक्रम के दौरान नर्सरी से सीनियर केजी तथा कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को सत्र 2023–24 एवं 2024–25 के लिए एक्सीलेंस अवार्ड्स प्रदान किए गए। साथ ही अनुशासन, नियमितता एवं स्वच्छता के लिए विशेष श्रेणी पुरस्कार तथा सत्र 2025–26 के लिए सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में मुख्य अतिथि श्री अनिल सैनी जी एवं श्री नीरज उदवानी जी ने विद्यार्थियों को संस्कार, सेवा-भाव, अनुशासन, परिश्रम तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व से अवगत कराया।

समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह रंगारंग आयोजन सभी उपस्थितजनों के लिए अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ गया और “नवरंग” वास्तव में भारत की विविध रंगों वाली संस्कृति का प्रतीक बनकर उभरा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *