हिमाचल प्रदेश में लोग अब हिमकेयर कार्ड को साल में कभी भी रिन्यू करवा सकेंगे। हिमकेयर योजना के तहत छोटी-बड़ी 3,227 बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जाता है। हिमाचल की जनता के लिए राहत भरी खबर है। लोग अब हिमकेयर कार्ड को साल में कभी भी रिन्यू करवा सकेंगे। अगर समय पर कार्ड का नवीकरण नहीं होता है तो नई नीति के तहत तिमाही आधार पर मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था में बदलाव किया है। नई व्यवस्था को इसी महीने से लागू कर दिया है। परिवार के अधिकतम पांच सदस्य शामिल*प्रदेश में 5.26 लाख हिमकेयर कार्ड धारक परिवार हैं। इस कार्ड के तहत एक परिवार के अधिकतम पांच सदस्यों को शामिल किया गया है। योजना के तहत छोटी-बड़ी 3,227 बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जाता है। हिमाचल में अब हिमकेयर कार्ड प्रत्येक वर्ष तिमाही आधार पर बनेंगे।
इन कार्डों की वैधता एक वर्ष होगी और कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए पोर्टल हर तीन महीने बाद खोला जाएगा। पोर्टल प्रत्येक वर्ष मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में एक-एक महीने के लिए खुला रहेगा। हिमाचल सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत प्रदेश के 5.80 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 810 करोड़ रुपये का लाभ प्रदान किया है।
1,000 रुपये का शुल्क*हिमकेयर कार्ड बीपीएल, मनरेगा, रेहड़ी-फड़ी वालों, अनाथ और जेल कैदियों सहित विभिन्न वर्गों के लिए मुफ्त बनाए जाते हैं। इस कार्ड के लिए एकल महिलाओं, अनुबंध और आउटसोर्स कर्मचारियों, 40 फीसदी और इससे अधिक दिव्यांगजनों, मिड डे मील वर्करों, अंशकालिक श्रमिकों और दैनिक वेतन भोगियों से 365 रुपये का मामूली शुल्क लिया जाता है।
शेष पात्र वर्गों से 1,000 रुपये का शुल्क लिया जाता है। प्रदेश सरकार के 136 स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ पीजीआई चंडीगढ़, सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल चंडीगढ़ और होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर (टाटा मेमोरियल सेंटर) चंडीगढ़ में हिमकेयर लाभार्थियों को मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त राज्य में कार्यरत सभी निजी संस्थानों में हिमकेयर योजना के तहत डायलिसिस सेवाएं निशुल्क दी जा रही हैं।

