पीएम किसान निधि के फर्जी लिंक से ठग रहे शातिरसाइबर सैल ने ठगों से बचने के लिए जारी किया अलर्ट

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर भेज रहे फर्जी लिंक साइबर ठग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के फर्जी लिंक से लोगों को ठग रहे हैं। कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी की 19वीं किस्त किसानों के खातों में जमा की थी। हालांकि, इस योजना का लाभ उठाने के नाम पर साइबर ठगों ने नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया है।

कई किसानों के बैंक खातों से पैसे गायब हो रहे हैं, जिससे वे भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। साइबर ठग सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर पीएम किसान योजना के नाम पर फर्जी लिंक फैला रहे हैं, जिन पर क्लिक करते ही बैंक खातों से पैसे उड़ जाते हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के फर्जी लिंक से साइबर ठगी के मामलों को लेकर साइबर सैल शिमला ने अलर्ट जारी किया है। साइबर सैल की एडवाईजरी में बताया गया है कि साइबर ठग लोगों को कॉल, एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी लिंक भेज रहे हैं।

ये लिंक आधिकारिक वेबसाइट जैसा दिखता है, जिससे किसान और अन्य लोग धोखा खा जाते हैं और अपने बैंक खाते की जानकारी साझा कर देते हैं। जैसे ही लोग ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा करते हैं, तो उनके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। ठग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुडऩे के बाद किसानों को ई-केवाईसी, भू-सत्यापन और आधार लिंकिंग जैसे अन्य काम करवाने होते हैं।

ऐसे में जालसाज इन कामों को करवाने की आड़ में किसानों के साथ ठगी करने की पूरी कोशिश करते हैं और जो किसान इनकी बातों में आ जाता है वो ठगी का शिकार हो जाता है। जालसाज किसानों के मोबाइल पर ई-केवाईसी करवाने के नाम पर ठगी करते हैं। इसमें सबसे पहले लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा जाता है जिसमें एक लिंक भी दिया होता है।

साइबर ठग किसानों को डराने वाला मैसेज भेजते हैं जिसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करके ई-केवाईसी करने को कहा जाता है और न करने पर आपका नाम योजना से हटाने की धमकी भी होती है। ऐसे में बिना सोचे समझे कई किसान इन लिंक पर क्लिक कर देते हैं और फिर उनका मोबाइल हैक कर उनके खाते में सेंध लगा दी जाती है।

ध्यान रहे मैसेज की जगह जालसाज आपको कॉल भी कर सकते हैं। इस बात को समझ लीजिए कि जब भी आपके मोबाइल पर ऐसा कोई मैसेज या कॉल आता है जिसमे आपको ई-केवाईसी या किसी दूसरे काम को करवाने के लिए कहा जाता है, तो उस पर विश्वास करने से पहले उसकी जांच करें।

ये जरूर ध्यान रहे कि ऐसे किसी मैसेज पर या उसमें दिए गए लिंक पर कभी क्लिक न करें। वरना आपके साथ फ्रॉड हो सकता है।

डीआईजी मोहित चावला ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति फोन पर ओटीपी, आधार नंबर या बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी मांगता है, तो उसे बिल्कुल साझा न करें।

पीएम किसान योजना से संबंधित सभी जानकारियां केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही मिलती हैं, इसलिए केवल इस वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

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