प्रेम प्रसंग का मामला…पुलिस पर लगाए ये गंभीर आरोप…
पांवटा साहिब के पट्टी नत्था सिंह में बुधवार रात को एक 16 वर्षीय बच्ची ने पहले विडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड कर लिया। वहीं बच्ची की मां ने शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं करने और उल्टा बच्ची और उन्हें ही धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पांवटा साहिब में दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग के चलते 16 वर्षीय बच्ची ने पंखे पर झूल कर सुसाइड कर लिया। बच्ची ने सुसाइड से पहले एक वीडियो भी बनाई है, जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार लड़के और उसके परिवार को ठहराया है।
वही नाबालिग लड़की के पुराने वीडियो भी सामने आए हैं। जिसमें इस लड़की को एक राकेश (काल्पनिक नाम) निवासी पट्टी नथ्थासिंह लड़के से प्यार हो जाता है। लड़की वीडियो में बताती है कि कैसे दलित जाती होने के कारण लड़के के परिवार द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है।

लड़की बताती है कि प्रेम प्रसंग शुरू करने से पहले लड़के ने उसकी जाति नहीं देखी लेकिन उसके साथ गलत काम करने के बाद वह उसकी जाति के कारण विवाह नहीं करने की बात कहने लगा। नाबालिक बच्ची ने एक वीडियो में खुलासा करते हुए बताया था कि उस लड़के के पास उसकी कई वीडियो और फोटो है। जिसकी धमकी देकर वह उससे गलत काम करवाता है। लड़के ने धमकी देकर लड़की के पिता के खिलाफ एक कंप्लेंट थाने में दिलवाई थी जिसे वह गलत बताती है।
नाबालिक बच्ची की मां ने लगाए गंभीर आरोप…
नाबालिक बच्ची की मां ने उसकी बेटी की मौत का जिम्मेदार महिला थाना इंचार्ज को बताया है । उनका मानना है की शिकायत के बावजूद कई महिनों से लड़की को ही बार-बार धमकाया जा रहा था कि वह झूठ बोल रही है। चार दिन पहले भी लड़की को महिला पुलिस थाना नाहन से आए जांच अधिकारी ने नाबालिग बच्ची और परिवार के साथ गाली गलोच की थी ।
जबकि लड़की बार-बार कहती रही कि उसके साथ गलत काम हुआ है और लड़के और उसके परिवार पर मामला दर्ज किया जाए। नाबालिक लड़की के मां-बाप ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी बच्ची के साथ गलत काम हुआ तो लड़के और उसके परिवार की शिकायत पुरूवाला थाने में की गई थी लेकिन उनकी बेटी और उनको ही थाने में कईं घंटे रात को बिठा कर रखा गया। और लड़की को ही दोषी ठहराते रहे जबकि लड़के और उसके परिवार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
वही बच्ची के मां-बाप ने महिला थाना पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनके आरोप है कि महिला थाना इंचार्ज की असंवेदनशीलता के कारण उनकी 16 वर्षीय बच्ची ने अपनी जान दे दी।
पुलिस करवाती बच्ची की काउंसलिंग सुलझ सकता था मामला…
वही आपको बता दें कि अगर महिला थाना पुलिस बच्ची की काउंसलिंग करवाती और उस पर जबरदस्ती दबाव बनाकर प्रताड़ित न करती तो बच्ची की जिंदगी को बचाया जा सकता था। समय रहते अगर बच्ची की काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ पर निगाह रखी जाती तो शायद बच्ची पंखे से ना झूलती।
वहीं जिला पुलिस कप्तान निश्चिंत सिंह नेगी ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक मामला है। हमारी संवेदनाएं बच्ची के परिवार के साथ है। वह इस पूरे मामले की गहनता से जांच के निर्देश दे चुके हैं।

